बुधवार, 1 फ़रवरी 2012

जितना भी समझो , कम ही है !



















समीर लाल जी , चर्चित उड़नतश्तरी ! वो कौन सी जगह है , जहाँ तू नहीं होता = अब तक के सफ़र में समीर जी वह शख्‍़स हैं , जिनके चर्चे हैं भारत से लेकर विदेशों में , पर गर्वोक्ति किसी बात में नहीं

दूरियाँ जो नापी गईं घंटों में : पत्रिका में 'उड़नतश्‍तरी'


मैं बुद्ध हो जाना चाहता हूँ: यशभारत में ‘उड़न तश्तरी’


वाह रे रथयात्री: यश भारत में ‘उड़न तश्तरी’


मि. मल्टी-टास्कर: जनवाणी में ‘उड़न तश्तरी’

वाकई अपनी टोपी तुमको दे दें जैसे विचार हैं इनके . मैंने इनको पढ़ा है , मिला भी हूँ = आशीर्वाद इनका एक छत्रछाया ही है . 'बिखरे मोती ' और ' देख लूँ तो चलूँ ' इनकी महत्वपूर्ण किताबें हैं . जिसने भी पढ़ा - बस दीवाना हो गया . 
शालीनता , हास्य , दर्द , अनुभव = हर शैली इनके पास है . ईमानदारी हर रिश्तों में , सहयोग निष्ठा से = एक व्यक्ति में इतने सारे गुण . हिंदी के उत्थान में इन्होंने पूरा योगदान दिया . नए रचनाकारों को इनका भरपूर प्रोत्साहन मिलता रहा है . संक्षेप में कहूँ तो = जितना भी तुम समझोगे , उतनी होगी हैरानी = हाँ, हाँ दिल है पूरा हिन्दुस्तानी .




30 टिप्‍पणियां:

  1. समीर लाल जी तो चीज़ ही ऐसी हैं सभी को प्यार हो जाए ...

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  2. sameer bhaiya k liye ye sab kuchh bhi nahi... mujhe to lagta hai.. wo aur aage jayenge..:)

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  3. संक्षेप में कहूँ तो = जितना भी तुम समझोगे , उतनी होगी हैरानी = हाँ, हाँ दिल है पूरा हिन्दुस्तानी.... !!
    samajhanaa jaari hai.... !!

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  4. सही कहा, निर्झर सुखानुभूति देती समीर ही है समीर जी!!

    जितना भी तुम समझोगे , उतनी होगी हैरानी = हाँ, हाँ दिल है पूरा हिन्दुस्तानी .

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  5. आदरणीय समीर जी के लिए आपने बिल्‍कुल सही कहा है ...आभार इस बेहतरीन प्रस्‍तुति के लिए ।

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  6. समीर अंकल की बात ही कुछ और है।

    सादर

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  7. बहुत बहुत आभार इस स्नेह के लिए.

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  8. मैंतो हैरानी में ही चलती जा रही हूँ जब से ब्लॉग की दुनिया में आई हूँ ...

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  9. संक्षेप में कहूँ तो = जितना भी तुम समझोगे , उतनी होगी हैरानी = हाँ, हाँ दिल है पूरा हिन्दुस्तानी .

    ....बहुत सच कहा है...इससे आगे कहने को कुछ बचा ही क्या है...

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  10. जितना मैं जानती हूँ उतना ही और जानना बाकी रह जाता है समीर जी के बारे में ..
    "जितना समझो कम ही है" ---आपकी बात में दम तो है ...

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  11. आप अपना काम बखूबी निभा रहे हैं सूत्रधार जी...
    शुक्रिया आज की पोस्ट के लिए..
    समीर जी एवं आपको शुभकामनायें..

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  12. अच्छा किया जो ज्यादा नहीं लिखा ... क्यों कि जितना भी लिखो समीर जी के लिए कम ही होगा :):) बढ़िया परिचय

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  13. समीर जी के बारे में बहुत सुन्दरता से प्रस्तुत किया है आपने ! वैसे समीर जी एक महान लेखक ही नहीं बल्कि महान व्यक्ति हैं और उन्हें भला कौन प्यार नहीं करते !

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  14. सच कहा है...इन्हें जितना भी समझो , कम ही है ! आभार...

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  15. दिल है पूरा हिन्दुस्तानी समीर जी का ।

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  16. समीर जी के बारे में बहुत सुन्दरता से प्रस्तुत किया है ..इन्हें जितना भी समझो , कम ही है

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  17. Sameer ji ko kaafi padha hai. ''dekh loon to chaloon'' pustak padhne ka bhi saubhaagya mila. behtareen aur rochak lekhan shaily hai inki. unki udan tashtaree hindustaan ke safar par roz nikalti hai. dhanyawaad.

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  18. कल 08/02/2012 को आपकी यह पोस्ट नयी पुरानी हलचल पर लिंक की जा रही हैं.आपके सुझावों का स्‍वागत है, !! स्‍वदेश के प्रति अनुराग !!

    धन्यवाद!

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  19. आगामी शुक्रवार को चर्चा-मंच पर आपका स्वागत है
    आपकी यह रचना charchamanch.blogspot.com पर देखी जा सकेगी ।।

    स्वागत करते पञ्च जन, मंच परम उल्लास ।

    नए समर्थक जुट रहे, अथक अकथ अभ्यास ।



    अथक अकथ अभ्यास, प्रेम के लिंक सँजोए ।

    विकसित पुष्प पलाश, फाग का रंग भिगोए ।


    शास्त्रीय सानिध्य, पाइए नव अभ्यागत ।

    नियमित चर्चा होय, आपका स्वागत-स्वागत ।।

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  20. मीर भी यदि होते आज तो उन्हें'समीर' ही याद आते.
    'मेरा ब्लॉग जगत में पदार्पण' समीर जी से मिलने के बाद ही हुआ.
    सुन्दर प्रस्तुति के लिए आभार.

    मेरे ब्लॉग पर आपका हार्दिक स्वागत है.

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  21. समीर लाल जी को पढना अपने आप में एक अनुभव है ..!!उनका लेखन बहुत प्रभावित करता है ...संस्कारधानी के हैं इसीलिए मुझे गर्व होता है उनकी किसी भी उपलब्धि पर ....सूत्रधार जी ...बधाई आपको इस प्रस्तुति के लिए और समीर जी आपको बहुत बहुत शुभकामनायें ...भविष्य के लिए ...!!

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  22. मुझे तो नाम से ही ज्यादा रोमांच हो आता है....
    एक ऐसा शख्स....
    जो अपने साथ दूर दराज़ की सैर करा लाये ...
    केवल अपने शब्दों के माध्यम से....
    है न मजेदार बात...!!

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  23. इस सार्थक प्रस्तुति के लिए बधाई स्वीकार करें.

    कृपया मेरे ब्लॉग" meri kavitayen" की नवीनतम पोस्ट पर पधारकर अपना स्नेह प्रदान करें.

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  24. प्रस्तुति ,सुन्दर एवं मनोहर .

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सूत्रधार आप सभी के विचारों का स्‍वागत करता है ...